Tuesday, December 29, 2020

रक्तदान शिविर आयोजित










विशाल रक्तदान शिविर आयोजित ~

(समाज को जागरुक करने की नवोदयन की बेहतर पहल)


रक्तदान इक यज्ञ है,

मानवता के नाम,

आहूति अनमोल है यह, 

लगे ना इसमें कोई दाम। 

भावों को चरितार्थ करता नवोदयन द्वारा साँजू में रक्तदान शिविर का आयोजन निस्संदेह समाज में परोपकार व पुनीत कार्य का एक बेहतरीन उदाहरण था। 

        कुचामन एलुमनी के सक्रिय नवोदयन प्रहलाद कड़वा के पिताजी हुकमारामजी कड़वा, चाचाजी तेजारामजी व पुत्र कुलदीप कड़वा की प्रथम पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि देने हेतु आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में आज करीब 100 नवोदयन व 300 अन्य पुरुषों व महिलाओं द्वारा रक्तदान किया गया। यह महज पुण्य स्मरण सभा न होकर समाज में नवोदयन द्वारा जागरूकता अभियान एवं सामाजिक कार्य की सुखद पहल थी, जिसमें कुचामन के अलावा पाटन, पावटा, तिलवासनी व अन्य नवोदयन एलुमनी भी शामिल हुए। एस एम एस ब्लड बैंक जयपुर, स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक जयपुर, एस एन मेडिकल कॉलेज जोधपुर, विद्यापति ब्लड बैंक अजमेर, जे एल एन नागौर की टीमों ने पूरे दिन ब्लड सेवाएँ देकर कुल 401 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया।

            रिछपाल मिर्धा, SDM मुकेश चौधरी के अलावा नवोदयन भरतपाल सिंह, कैलास कासनिया, सुरेंद्र कागट, हनुमान चोयल, नवीनपाल, ईशाक मोहम्मद, दिनेश शर्मा, तुलछाराम गोदारा, सोहनराम, मनीष पारीक, मंगलसिंह, BCMO डाॅ राजेश बुगासरा, BDO मूलाराम जाँगू, संस्कार एकेडमी निदेशक प्रदीप ग्वाला, डाॅ गंगाधर सारण, डाॅ रामकरण, डाॅ रामेश्वर चौधरी, डाॅ शंकर पूनिया, दीपक नेहरा, श्यामलाल चौधरी, रुचिर पारीक, हनुमान चौधरी, अभिषेक शर्मा इत्यादि ने अपना रक्तदान कर इस विशाल महायज्ञ में अपनी आहूति दी।                                                                                                          

Saturday, December 26, 2020

पोथी री समीक्षा

 




        नागीणे रा नगीणा अर नामी कवि डाॅ गजादानजी सक्तिसुत री दो हाल में प्रकासित पोथ्यां "सबद सारंग" अर "अंतस री आवाज" म्हारे कने बड़े हेत सूं पूगी। म्हूं उणाने घणे चाव सूं भणी पढी अर उण पर छोटी सी टीप लिखण री हिम्मत करी जिकी इण मुजब है।

        "सबद सारंग अर अंतस री आवाज" में अलंकार विधान अर भासा सैली~

       दोन्यूं पोथ्यां में आपणी रीत रिवाजां, तीज तिवारां री खणकती रमझोळ री झणकार रे सागै सामाजिक, समसामयिक अर लूंठै चिंतन री घणी ऊंडी दीठ निजर आवै। भासा सैली री बात करां तो छंदबद्ध रचनावां री लांबी माळावां पिरोता थकां कवि उणामें दूहा, छप्पय, पद, सवैया, डोढा छप्पय सागै मन रो मिठास उड़ेलबा री चोखी जुगत दिखावै है। राजस्थानी रे सागै हिन्दी अर उर्दू रा सबद ठौड़ ठौड़ आता थकां कवि री गहरी समझ अर भासा रे ज्ञान रो चमक चानणो दिखावै। कवि नुवे जमाने री बातां ने ठीमर बतावण रे सागै जूनी कूड़ी रीतां ने बदलण री हूंस दिखावै। मायड़भासा रे आखर री ओळखाण इणरी मोटी संपत है, आ रचनावां में घणी ठौड़ आपरो करतब दिखावे।

       जहान, महफिल, नफरत, सिफर, इलम, गफलत, नफा, फानूस, परवाज, जंग, फगत, सवाल, फनकारी, रवायत, एतबार, मजलिस, वजीफा, खुद्दार, इजाजत जेड़ा घणकरां सबद कविता में गजादानजी री उरदू पर चोखी पकड़ रो दिखसाव करे अर इणसूं रचनावां रो जायको पण बढावै। भवोदधि, वृच्छिक, स्वाति, सूकर, उर, चातक, सास्वत, गरदभ, स्वान, सुकृत, मरम, विहंग, बायस, आनन, हलाहल, भुवन, मरकट, निरपराध, निर्ममता, गात, मोद, वनिता जिसा मोकळा तत्सम अर तदभव सबदां रो प्रयोग रचनाकार रो कवि धरम निभावण रो चोखो जोग दरसावै। 

           दोन्यूं पोथ्यां में अलंकारां री चरचा करां तो आ बात आपणे साम्ही आवै'क घणकरां अलंकार अे रचनावां में

आपरी हाजरी दी है। राजस्थानी रा जूनां कवियां रो वाल्हो अलंकार वयण सगाई रो प्रयोग इणमें जग्या जग्यां निजर आवै है-

★सूरज बण अंधारो सोखो।

★जीवण असली रंग जवानां।

★मन मजबूती राख्यां मरदां।

★ कण-कण में कड़पाण।

हिन्दी में मोकळो काम आबाळो अलंकार अनुप्रास रो खासो प्रयोग अे रचनावां में इण सारू दिसै-

★कितरां कोड करया करता हा

★बरस बीत्यां बरगदां रै

★रातूं रात राख रळ जावै

★गरब गळ्यो गोरां रो

★ तीखै तौर तमाम

★खेंच खांडो खळकायो

छेकानुप्रास

★जण-जण, रण-रण, भण-भण, खण-खण, जिण-जिण, किण-किण

अंत्यानुप्रास-

★कीनो, लीनो/ बातां, ख्यातां/ दोहरायो, समझायो/ चढावां, बचावां

श्रुत्यनुप्रास-

★जागै, सागै/ कटारो, काढियो/ जठ, सुभट/ 

अेक ही सबद रो नुवां अरथ सागै फेरूं प्रयोग यमक नाम सूं जाणीजे जिकां रो भी दरसाव केई ठौड़ इण भांत है-

★सिंदूर दूध अर राखी री

कीमत दे राखी आजादी।

अेक ही सबद रा घणां मतलब बताता सबदां रो प्रयोग श्लेष नाम सूं आपरो बरताव करे इणरी पूग पण रचनावां में है-

★बो बाग दिनोदिन उजड़ै है।

★या खुद माळी सूं बात करां

रचना में अेक बात या मिनख रो घणी भांत सूं वर्णन सागै मोकळी बातां रो अेकट प्रयोग करणो उल्लेख नाम सूं जाणीजे-

★कुळ मरजादा कायदा

नीति सनेह नसीत

माँ सूं बिण माँग्या मिल्या

रस्म रवायत रीत।

★ धनवानां रै नोट रूप थूं

नेतावां रै वोट रूप थूं

विद्वानां रै वाद विमर्सा

दीन घरां लंगोट रूप थूं।

बिहारी रो चावो अलंकार अन्योक्ति रो प्रयोग पण दिसै-

★वा देवां सूं दगो जकां री

साँझ सकारे जोत जगावै

बेमेल बातां रो सागै दिखसाव विषम रे नाम सूं इयां निजर आवै-

★सुधी कोकिला रही सिफर में।

उपमेय में उपमान रो आरोपण रूपक रो मोकळो प्रयोग अे रचनावां में हुयो है-

★बाबल री लाठी, आँख रो तारो, रिस्तां री बुणगट, वंस-वेल, गुणां री खाण, स्नेह-गंगा, पौध- पुण्याई, घर री साख, धरम बीज, नेह-नाडां, रण-आँगण, नफरत रा बीज, विकास री आँधी, श्रम साधना, कपट रा जाळ, जीवण री जोत

सबदां रो दोहरो प्रयोग पुनरुक्ति रे नाम सूं रचना री सोभा बढाई है-

★साँस-साँस, तर-तर, कर-कर, अपणो-अपणो, आँख-आँख, जण-जण, बात-बात, चूंच-चूंच, 

विषम रो उलटो सम रो पण दरसाव मिलै-

★जीवटता नैं सौ जग पूजै

आंकस राखो अंग जवानां।

घणा कोड, घिरणा अथवा सोक वास्ते सबदां रो दोहराव वीप्सा रे नाम सूं केई ठौड़ आपरी छटा बिखेरे है-

★अजे घर आयो नहीं

इम कह-कह अकुलात।

★नव संवत्सर नेह रो

गेह-गेह व्है गान।

★ वध-वध लेऊं वारणा

कारण सागै कथन कैणो अर उणरो ठावो प्रयोग काव्यलिंग रो प्रयोग देखो-

★बोझ समझ मत बावळा

मती कोख में मार।

आफत घड़ियां आवतां

सुता पूछसी सार।

अेकट घणी उपमावां सूं नवाजणो

मालोपमा पण दिसै अर उणरो सांतरो प्रयोग केई रचनावां में इण भांत है-

★तूं गणगौर दीवाळी दिपती तीज तणो त्योहार लाडली।

★बूढा अनुभव समद अपारा, ज्ञान गंग री धारा है।

बूढा मेढ कडूंबै री है, बूढा इमरत झारा है।

★ अे नकटा अे निपट निकरमा

 अे गुंडा अे आदमखोर, अे पापी अे ढोंगी पक्का, अे पाखंडी नामी चोर।

जठे बढ चढ महिमामंडित करीजे या जिकी बात मानबा में नीं आवै अेड़ी बात अतिशयोक्ति बण जावै, अर उणरो पण दिखसाव घणी रचनावां में निजर आवै है-

★मजलां खुद मिलबा नैं आसी।

★महादेव गळहार बण्यो थूं।

★इसड़ी आँख बणी ही कोनी।

★ तू आसमान रै अड़ जासी।

किणी चीज अर मिनख री तुलना दूजी नामी वस्तु अर प्राणी सूं करीजे तो उपमा नाम सूं पैचाणीजे-

★देह दीप माटी निरमळ सी

★बहनां रो लाखीणो बीरो

जठै विरोध दिखे पण साच्याणी नी हुवै तो विरोधाभास नाम सूं जाणीजे अर बो प्रयोग पण आपांनै अठै मिलै-

★समदर ने पाणी धमकावै।

        सार रूप में आ बात साम्ही आवै'क दोन्यूं पोथ्यां गजादानजी री भासा पर चोखी पकड़ बतावै। दोन्यूं पाठकां सारूं चावी अर ठावी भणबा वाळी पोथ्यां है। इणमें आपणे समाज अर जनता री आज री झांकी निजर आवै है। चेतावणी रे सागै कवि लोगां अर नेतावां ने आडे हाथां लिया है। धरम, नीति, राजनीति, समाज, तिंवार री मोकळी बातां रो सांगोपांग चितराम इण रचनावां में उकेरता थकां कवि आपरे विसद ज्ञान रो प्रयोग दरसायो है।

कवितावां अर गीतां में नाद सौंदर्य रो लूंठो दरसाव है। भाव बिम्बा रो प्रयोग आपरी गहरी छाप छोड़े अर रचनावां ने लय, ताल सूं गावण री छमता बढावे है।

       गजादानजी ने पोथ्यां सारूं मोकळी बधाई अर मायड़भासा रे ठावे प्रयोग मुजब नुवी पीढ़ी ने हौसलो अर ज्ञान देवण सारूं साधुवाद।

       © मनोज व्यास

Thursday, November 26, 2020

बैठक का आयोजन

 


बैठक का आयोजन ~


राउमावि जोधियासी में SMILE-2 (सोशल मीडिया इंटरफेस फॉर लर्निंग एंगेजमेंट) के फीडबैक हेतु सहायक जिला परियोजना समन्वयक रामदेव पूनिया व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजत खान के निर्देशन में ऑनलाइन क्लासेज के सफल संचालन हेतु  बैठक का आयोजन किया गया। इस प्रोत्साहन बैठक का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन अध्ययन, वर्कबुक वितरण, गृहकार्य व काॅलिंग फीडबैक, ब्लाॅक रैंकिंग में सुधार से संबद्ध चर्चा करना था‌। जिसमें पीईईओ जोधियासी नवीन माथुर, पीईईओ झाड़ीसरा सनी कौर, पीईईओ रोहिणी रामावतार चिनिया, चाऊ, गंठीलासर, खेतास के प्रतिनिधि शिक्षकों, जोधियासी उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्टाफ सदस्यों बोदूसिंह, रामेश्वर लाल, अंजू शर्मा, पवन तिवारी, मनोज व्यास, कमला कड़वासरा व बालिका माध्यमिक के स्टाफ सदस्यों कृष्णा कुलदीप (प्र.अ.), गायत्री सोनी, भगवती सोनी, सुमनबाला, बजरंग सिंह, मंजु ओझा इत्यादि ने हिस्सा लिया। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य नवीन माथुर ने सभी अधिकारीगण व शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। 


Monday, September 14, 2020

हिन्दी दिवस का आयोजन

 







सेकिलाकां राउमावि नागौर में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के सौजन्य से हिन्दी दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। जिलाधीश डाॅ. जितेंद्र कुमार सोनी के मुख्य आतिथ्य एवं ADM मनोज कुमार, SDM अमित चौधरी, CDEO अजय वाजपेयी, DEO गजाधर शर्मा, CBEO महीपाल सांदू के विशिष्ट आतिथ्य में सरस्वती पूजन के उपरांत कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। 

         प्रधानाचार्य भंवरलाल कासनिया ने हिन्दी रचनाकारों की रचनाधर्मिता के सहारे हिन्दी के स्वरूप को व्याख्यायित किया। व्याख्याता मनोज व्यास ने हिन्दी की विकास गाथा व वर्तमान स्थिति के समन्वित रूप को मौलिक रचना में प्रस्तुत किया। CBEO महीपाल सांदू ने एकाभिनय ने माध्यम से मातृभाषा व राष्ट्रभाषा के महत्व को प्रतिपादित किया। 

        जिलाधीश डाॅ. जितेंद्र कुमार सोनी ने व्यावहारिक हिन्दी के परिष्कृत रूप को अधिकाधिक प्रयोग करने पर विशेष बल दिया, साथ ही हिन्दी भाषी लोगों को अपनी भाषा को मुखर रूप से काम लेने व उस पर गर्व करने की नसीहत दी जिससे लोगों में हिन्दी के प्रति स्वस्थ मानसिकता विकसित हो सके। CDEO अजय वाजपेयी ने हिन्दी के प्रसार हेतु निरंतर साहित्यिक गोष्ठियों व कार्यक्रम के आयोजन की बात कही जिससे शिक्षकवृंद अपनी सहज अभिव्यक्ति दे सकें और उन्हें सुलभता से मंच उपलब्ध हो सकें।

        इसके उपरांत व्याख्याता जयराम सिंवर, व्याख्याता मंजु, शिक्षक भरतसिंह व छात्रा सुमन ने भी बेहतर प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में शंकरलाल शर्मा, राजत खां, सुरेश सोनी, धनराज खोजा, शिवशंकर व्यास, अजय शर्मा, अर्जुन लोमरोड़, धर्मपाल डोगीवाल, विमलेश व्यास, सत्यपाल सांदू, रमेश सोलंकी, सुशील व्यास, सीताराम सियाग, लक्ष्मण देवड़ा, बजरंग सांखला, बुधाराम व अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का बेहतर संचालन राधेश्याम गोदारा ने किया। 

Friday, August 14, 2020

स्वतंत्रता दिवस समारोहपूर्वक मनाया


 

रा.उ.मा.वि., जोधियासी (नागौर) में 74वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। सरपंच कमला मूँड ने ध्वजारोहण किया। भींयाराम मूँड, दयालराम मूँड द्वारा सरस्वती पूजन के पश्चात वरिष्ठ अध्यापक दिनेश गौड़ व व्याख्याता बोदूसिंह ने कविता पाठ कर कार्यक्रम में समां बाँधा। भींयाराम मूँड ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्बोधन देते हुए शहीदों का पुण्य स्मरण कर सभी से देश सेवा का आह्वान किया। पूर्व छात्र मेगाराम ने सरकारी विद्यालय की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए विज्ञान संकाय को प्रारंभ करवाने पर बल दिया।प्रधानाचार्य नवीन माथुर ने विद्यालय के बेहतर बोर्ड परीक्षा परिणाम की जानकारी देते हुए ग्रामीणजन से शिक्षा में भागीदारी की अपील की व सबका धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में रामेश्वर लाल, प्रीति गोरा, पवन तिवारी, हनुमान मीणा, चोखाराम, कालुराम, रमेशनाथ, मुकेश यादव, नारायणदान, रेखा साद, धनसुखराम, प्रहलाद सहाय आदि स्टाफ सदस्य एवं हेमाराम सिंवर, कमल उपाध्याय,  रूपाराम दर्जी, देवीसिंह, गोमंद साद, नेमीचंद बंजारा, बजरंग पंचारिया, नेनाराम कुलया, श्याम सुथार, दामोदर लखारा, महेंद्र मिश्र, मनोज हेड़ा, राधाकिशन, दीनदयाल आदि ग्रामीणजन व पूर्व विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंच संचालन हिन्दी व्याख्याता मनोज व्यास ने किया।



Wednesday, July 29, 2020

बेहतर रहा सरकारी विद्यालय का परिणाम ~






   
रा. उ. मा. वि. जोधियासी का 10वीं का परीक्षा परिणाम 92.42% रहने पर प्रधानाचार्य नवीन माथुर ने सभी स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। बोर्ड प्रभारी व हिन्दी व्याख्याता मनोज व्यास ने बताया कि कुल प्रविष्ठ 66 विद्यार्थियों में से 21 प्रथम श्रेणी, 33 द्वितीय श्रेणी व 7 तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। विद्यालय में प्रथम तीन स्थानों पर रविता मीणा, मोनिका कंवर व नरेन्द्र लवाइच रहे जिन्होंने क्रमशः  77.83, 77.67 व 77.33 % अंक प्राप्त किए। विद्यालय  की 3 छात्राएं गार्गी पुरस्कार हेतु चयनित हुई।
        सरपंच प्रतिनिधि दयालराम मूंड ने व्याख्याताओं मनोज व्यास, कन्हैयालाल, प्रीति गोरा व वरिष्ठ अध्यापकों पवन तिवारी, दिनेश गौड़ व हनुमान मीणा का बेहतर परिणाम रखने पर आभार व्यक्त किया व सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Tuesday, July 21, 2020

शत प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम






रा. उ. मा. वि. जोधियासी का 12वीं कला का परीक्षा परिणाम 100% रहने पर प्रधानाचार्य नवीन माथुर ने सभी स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। बोर्ड प्रभारी व हिन्दी व्याख्याता मनोज व्यास ने बताया कि कुल प्रविष्ठ 75 विद्यार्थियों में से 54 प्रथम श्रेणी, 20 द्वितीय श्रेणी व एक तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। विद्यालय में प्रथम स्थान पर उर्मिला बिकुनिया रही जिन्होंने 88.2% द्वितीय स्थान पर रही सुमन बिश्नोई ने 87.4% अंक हासिल किए वहीं धापू कंवर ने 86% के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यालय में 75% से ज्यादा अंक 15 विद्यार्थियों ने प्राप्त कर गुणवत्तापूर्ण परिणाम पर मोहर लगाई। विद्यालय की 11 छात्राएं 75% अंक हासिल कर बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु चयनित हुई है। सरपंच प्रतिनिधि दयालराम मूंड ने व्याख्याताओं मनोज व्यास, बोदूसिंह, रामेश्वरलाल, कन्हैयालाल व प्रीति गोरा का बेहतर परिणाम रखने पर आभार व्यक्त किया व सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Tuesday, June 2, 2020

जिला टाॅपर बना तेजपाल~








राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधियासी (नागौर) के होनहार विद्यार्थी तेजपाल ने NMMS (नेशनल मीन्स कम मैरिट स्काॅलरशिप) परीक्षा में पूरे नागौर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय व गाँव का नाम रोशन किया है। NMMS प्रभारी व्याख्याता मनोज व्यास ने बताया कि इस परीक्षा में जिले से 250 विद्यार्थियों का चयन हुआ है जिसमें तेजपाल ने 180 में से 148 अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया जो कि विद्यालय के लिए गौरव का विषय है। इन्हें चार वर्ष तक बारह हजार प्रतिवर्ष की दर से स्काॅलरशिप मिलेगी।
       'गूदड़ी के लाल' तेजपाल साधारण किसान परिवार से हैं, जिन्होंने स्वाध्याय, गुरूजन के निर्देशन व पिताजी जगदीश तांडी व माताजी धापूदेवी के आशीष को अपनी सफलता का राज बताया। भाई बहनों में सबसे छोटे तेजपाल प्रतिभाशाली व अध्ययनशील विद्यार्थी है, जो सहशैक्षणिक गतिविधियों में भी सदैव आगे रहता है।
       प्रधानाचार्य नवीन माथुर व स्टाफ साथियों ने विद्यार्थी को बधाई दी व इससे प्रेरित होकर भविष्य में और विद्यार्थियों के चयन की उम्मीद जताई। संपूर्ण गाँव में इस सफलता से उत्साह का माहौल है और विद्यार्थी के घर बधाई देनेवालों, फोन करनेवालो का ताँता लगा है।

Saturday, April 18, 2020

प्यार के साहित्यिक प्रतिमान~





प्रीत के कोई
उपमान नहीं होते,
वो खुद ही उपमा बन जाती।
तेरा अक्स ही तेरा प्रतीक-
अनुराग को किस
संज्ञा से नवाजा जाए,
प्यार की खातिर
विशेषण छोटे लगते।
तुम छंदबद्ध कविता
शील गुण ही तेरे अलंकार।
अहसासों की अन्विति
पाकर छलक जाते
कितने सारे संचारी भाव।
भावों की लक्षणा
या है शाब्दी-
कभी बन जाती अभिधा
तेरे यादों की मिठास।
चक्षुओं की कूट भाषा
में छिपे प्रेम के प्रतिमान।
सात्विकता की अनुभूति
पा लेता उल्लास।
यह कैसा भावोदय
और कैसी प्रीत प्रतीति-
बन जाती जब तब
अपनी प्यार परिवृत्ति।
उद्दीपन बनी स्मृतियाँ
पाके आहट का आलंबन।
क्या वियोग की कारणमाला
किस विचार की पुनरुक्ति
स्मरण में बसे हैं अभी
वो पूर्वराग और मान।
तुम मेरा विषय बन जाओ
मैं तुम्हारा आश्रय-
उपजेंगे कितने अनुभाव।
उस छुअन की कशिश
और व्रीड़ा से दीखता
तेरा वैवर्ण्य।
भाव संधि में उलझाते
तेरे नयन कटाक्ष।
प्रणय के रंग में
रंग गये मानो
माधुर्य और प्रसाद।
श्लिष्ट भावों में
अभंग होकर
उपजा संयोग शृंगार।
धृति की पराकाष्ठा
में छिपी अतिशयोक्ति-
यह औत्सुक्य
है या चपलता!
वियोग की भाषा
से सजी चौपाइयाँ।
दोहों में भी
सोरठे का
आभास कराती
तेरी अठखेलियाँ।
सवैये और कवित्त
अब बन गये
मेरे प्रेम पर्याय।
मदहोशी में कैसे बने
छंदबद्ध रचनाएँ-
आहट की आकुलता
से है आबद्ध अनुप्रास।
तेरा वर्ण, तेरी अलक
भुला देते वर्ण विन्यास-
मात्राओं का विपर्यय
हो जाता है अक्सर।
भाषाओं की खिचड़ी पके
पाकर तेरा साथ।
शैली और शब्द बहकते,
जब मदहोशी इठलाती
दरक जाते अक्षर कभी।
क्या तत्सम
क्या तद्भव
देशज का तड़का
दिलवा देती
तेरी भाव भंगिमाएं।
खामोशी भी तेरी
रेखाचित्र बनाती है।
कहानी लघुता लाती तो
तेरी मुस्कान-
उपन्यास लिखवाती है।
 © मनोज व्यास

साहित्यिक शब्दार्थ~

उपमान- जिससे उपमा दी जाए
अलंकार- काव्य के शोभा तत्त्व
अन्विति- परस्पर संबद्धता
संचारी भाव- मन में उत्पन्न क्षणिक भाव
लक्षणा- सामान्य अर्थ से भिन्न अर्थ देनेवाली शक्ति
शाब्दी- शब्द से उत्पन्न शब्द शक्ति
अभिधा- सामान्य अर्थ देने वाली शब्द शक्ति
भावोदय- एक भाव के शामत होने पर दूसरे का उत्पन्न होना जो अधिक चमत्कृत हो
प्रतीति- जानकारी, प्रतीत होना
परिवृत्ति- अलंकार जिसमें अदला बदली हो
उद्दीपन- उत्तेजना पैदा करने वाले कारक/तत्त्व
आलंबन- जिसके सहारे स्थायी भाव पैदा हो
कारणमाला- कार्य कारण भाव संबंध
पूर्वराग- वियोग का भेद जिसमें स्वप्न दर्शन
मान- मन मुटाव/ रूठना
विषय- जिसके प्रति भाव जाग्रत हो
आश्रय- जिसके मन में भाव जाग्रत हो
अनुभाव- स्थायी भाव के उपरांत मनोविकार/चेष्टाएँ
व्रीड़ा- लज्जा
वैवर्ण्य- रंग उड़ जाना
भाव संधि- समान चमत्कारी भावों का मिलना
माधुर्य और प्रसाद- साहित्यिक गुण
श्लिष्ट- चिपके हुए
धृति- धैर्य
औत्सुक्य- उत्सुकता
चपलता- चित्त की चंचलता
विपर्यय- प्रतिकूलता



Sunday, March 1, 2020

वार्षिकोत्सव व सम्मान समारोह आयोजित ~




















      कामधेनु स्कूल, गुड़ला रोड़ (नागौर) में वार्षिकोत्सव व सम्मान समारोह का शानदार आयोजन किया गया। संत जानकीदासजी, डाॅ अमित राठी, विंग कमांडर पीएम बेनिवाल, एसीबीओ महिपाल सांदू, मिर्धा काॅलेज प्राचार्य शंकरलाल जाखड़, डीटीओ ताराचंद बंजारा के मुख्य आतिथ्य में दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ।
        इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। इनमें तेरी मिट्टी में मिल जावां, आओ बच्चों तुम्हें दिखाए,  कानूड़ा जैसे खुबसूरत नृत्य व गीत प्रस्तुत किए गये।
       संस्था के निदेशक दौलतराम सारण ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जिसमें विद्यालय के श्रेष्ठ परिणाम, गौ सेवा में विद्यालय के अद्भुत सहयोग भाव, सामाजिक कार्यों व अन्य गतिविधियों में विद्यालय की सहभागिता की जानकारी दी।
        प्राचार्य शंकरलाल जाखड़ ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विद्यार्थियों से लक्ष्य प्राप्ति का आह्वान किया।
        मुख्य अतिथि संत जानकीदासजी ने विद्यालय द्वारा गौ-सेवा में अद्भुत योगदान की प्रशंसा की। साथ ही विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति निष्ठा रखने को प्रेरित किया।
        कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रधानाचार्यों, निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों के साथ जन प्रतिनिधियों, सरपंचों व अन्य व्यक्तियों को साफा पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। 12वीं टाॅपर छात्रा निरमा भादू को लेपटाॅप देकर एवं श्रेष्ठ शिक्षकों, प्रतिभाशाली व गौशाला हेतु अनुदान देनेवालों विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से गौशाला में छह लाख का चैक देकर गौ-भक्ति का श्रेष्ठ उदाहरण पेश किया गया।
       इस भव्य आयोजन में प्रधानाचार्य मगनाराम, नवीन माथुर, मनोज सोनी, सुरेंद्र सारस्वत, मनीष पारीक, घनश्यामदान, जगदीश बाना, गणेशाराम सारण व निजी विद्यालयों के निदेशक व संस्था प्रधान समदर बिश्नोई, प्रहलादराम चौधरी, मनोज भादू, धन्नाराम लेगा के साथ प्रबुद्धजन दयालराम मूंड, रमेश धनकड़, बोदूसिंह राठौड़, मनोज व्यास, कर्णसिंह, प्रेमप्रकाश रोहिणी, अविनाश, रामप्रसाद कासनिया, राजकुमार सारस्वत, मानाराम इत्यादि कॆ साथ अभिभावक व सभी विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन शरद जोशी ने किया।

Tuesday, February 25, 2020

वार्षिकोत्सव मनाया ~























      रा.उ.मा.वि., जोधियासी (नागौर) में वार्षिकोत्सव व बारहवीं कक्षा का विदाई कार्यक्रम समारोहपूर्वक मनाया गया। मोहिनीदेवी, दौलतराम सारण, पन्नाराम सारण, नैनाराम सारण, सरपंच प्रतिनिधि दयालराम मूंड, हनुमानराम सुथार, पूर्व सरपंच कर्णसिंह, श्रवणराम बंजारा के मुख्य आतिथ्य में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। इसके उपरांत सारण परिवार द्वारा निर्मित जलगृह का लोकार्पण हुआ।
        इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। इनमें जलवा जलवा, बाजूबंद, काजलियो, कानूड़ा, चंदा ने पूछा, नैनोंवाली ने, गजबण, मैंने पायल है छनकाई जैसे खुबसूरत नृत्य प्रस्तुत किए गये।
        जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा, एसीबीओ महिपाल सांदू ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भामाशाहों के सहयोग व समर्पण की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से लक्ष्य प्राप्ति का आह्वान किया।
        विशिष्ट अतिथि दयालराम मूँड ने भी विद्यालय के विकास कार्यों में भामाशाहों के योगदान की प्रशंसा करते हुए ग्रामवासियों से संगठित होकर कार्य करने पर बल दिया साथ ही विद्यार्थियों से अध्ययन के प्रति निष्ठा रखने को प्रेरित किया।
      प्रधानाचार्य नवीन माथुर ने विद्यालय के विकास व निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए भामाशाहों को विद्यालय परिवार की ओर से साफा पहनाकर सम्मानित किया। प्रतिभाशाली व खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।     
      स्टाफ सदस्यों बोदूसिंह, रामेश्वर लाल, अंजू शर्मा, कमला कड़वासरा, दिनेश गौड़, पवन तिवारी, कन्हैयालाल, चोखाराम, हनुमान मीणा, रमेशनाथ, कालूराम, प्रहलाद सहाय, रेखा साद, नारायणदान, विजेश बंजारा, भेराराम, धनसुखराम, नीतू स्वामी सहित शाला के विद्यार्थी व गाँव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन हिन्दी व्याख्याता मनोज व्यास ने किया।