Sunday, June 23, 2019

समरसता कार्यक्रम का शानदार आयोजन

मारवाड़ मूंडवा की पावन धरा पर शानदार आयोजन!!!



       सामाजिक समरसता व धार्मिक सौहार्द की भाव संपृक्त सरिताएं आप्लावित हुई और देश के हर कोने से सांप्रदायिकता व मलिन वैचारिकता को तिलांजलि देने का दृढ़ संकल्प जीवंत हो उठा। नवोदयन की उदात्त विचारों से परिपूरित वाणी से जो जयघोष हुआ तो मानो देश का हर नागरिक अपने को जिम्मेदारी से इस कर्तव्यपरायणता को निर्वहन करने की मनःकामना लिए पुलकित हो उठा।
         नैतिकता से परिपोषित विचारों को विस्तीर्ण कर समाज में नवक्रांति लाकर जहर उगलती कलुषित व संकीर्ण मानसिकता को समूल नष्ट करने का निश्चय किया।
          निस्संदेह अटल इरादों से जो आगाज हुआ है; भाइचारे व सौहार्दपूर्ण विचारों का जो बीजारोपण हुआ है; वह कुछ समय में पुष्पित व पल्लवित होकर सामाजिक समरसता के वटवृक्ष के रूप में बेशक बेहतर फल देगा।
       संकुचित व द्वेषपूर्ण माहौल बनाने वाले राजनेताओं, भ्रष्ट अफसरों और  नासमझ नागरिकों को समझना होगा कि देश का विकास स्वस्थ मानसिकता व समभाव से मुमकिन है न कि समाज को धर्म, जाति व संप्रदाय के नाम पर खंडित करने से। इन्हीं नायाब विचारों का ताना बाना बुना गया इस समरसता के अनूठे आयोजन में..!!
         यह न केवल देश को एकजुट और प्रगति की राह पर लाने का प्रयास है प्रत्युत् हर एक नागरिक को ईश्वर की प्राकृतिक न्याय व्यवस्था से वाकिफ करवाने; समाज को नयी दिशा देने का अभिनव प्रयास था। यह नैरंतर्य बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लेकर सभी नवोदयन अपनी नयी मंजिल की ओर बढ़ चले हैं, जो अनवरत चलते रहेंगे इसी विश्वास के साथ सभी को मंगलकामनाएं...
साधुवाद।

Thursday, June 20, 2019

योग दिवस का आयोजन~






रा.उ.मा.वि., जोधियासी (नागौर) में 5वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन समारोहपूर्वक किया गया। प्रधानाचार्य नवीन माथुर के उद्बोधन के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। इसके उपरान्त शारीरिक शिक्षक विजेश बंजारा व व्याख्याता बोदूसिंह ने विभिन्न आसन व प्राणायाम का अभ्यास करवाया।
आयुर्वेद चिकित्सक कमल उपाध्याय ने स्वस्थ शरीर हेतु योग व प्राणायाम की महत्ता को बताते हुए उत्तम स्वास्थ्य हेतु ध्यान आकृष्ट किया व सभी को स्वास्थ्य संबंधी गुर बताए।
         ग्राम पंचायत जोधियासी की सभी राजकीय व निजी स्कूल के शिक्षक, अन्य विभागों के कार्मिक, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, आशा सहयोगिनी व विद्यार्थियों ने पूर्ण तल्लीनता से योग क्रियाएं की।
      कार्यक्रम में हिस्सा लेनेवालों में चिकित्सक डाॅ रामूराम, शाला स्टाफ रामेश्वर लाल, अंजू शर्मा, मनोज व्यास, कमला कड़वासरा, पवन तिवारी, प्रीति गोरा, दिनेश गौड़, कन्हैयालाल, चोखाराम, कालूराम,  रमेशनाथ, नारायणदान, प्रहलाद सहाय, नीतू स्वामी, धनसुखराम व अन्य कार्मिकों में श्रवणसिंह, दिनेश बंजारा, मानाराम, कृष्णा कुलदीप, गायत्री सोनी, भगवती सोनी, मंजु ओझा, बेगनाथ, लोकेश निरंजनी, कालुराम, हनुमानदास, सुमन गोदारा, उजाला टाक, देवाराम, गिरधारीराम, दुलाराम, सरिता, संतोष, प्रेमादेवी, पूजा, पार्वती, सुशीला, राजकुमार शर्मा, उषा वर्गिस, संजना, इंदिरा सोनी सहित विभिन्न अभिभावकगण व विद्यार्थी उपस्थित रहे। व्याख्याता बोदूसिंह ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

Thursday, June 13, 2019

थारी ओळ्यूं


थारी ओळ्यूं~
गोरी थारी परघळती प्रीत ,
मनड़ा ने बिलमावै है।
जद देखूं ओ रूप निराळो,
हिये आणंद उपजावै है।
डस लेवै थारा काजळिया नैण,
जद आवै तूं सुरमो सार,
चेरै को ओपतो उजास,
आंख्यां में चमकी लावै है।
फीका लागै सै गैणा-गांठा,
अचपळिया-सा बण्योड़ा,
थारो शील अर संकोच,
जियां फुटरपो बढ़ावै है।
नीं सुझे अब जीवण री जुगत,
नीं कोई सिणगारुं मारग,
कल्पना री कोरणी में,
थारो ही अक्स  निजर आवै है।
न दिन रूड़ा लागै है,
न रातड़ली सुरंगी दिसै है,
हेज रै गुमैज मांय,
थारी ओळ्यूं गीतड़ला गावै है।
थारी रूपाळी रळक सिवा,
सै कीं तो बदरंग हुगा,
म्हारे मनड़े में निस दिन,
थारी प्रीत रंग बरसावै है।
अळगी है पण मन में बसी,
घड़ी घड़ी आभै रूपी,
थारे रूप री रमझोळ,
प्रीत री पायल छमकावै है।
प्रणय गीतां री लड़ियां,
मन री साख कियां भरै,
तू कोयल कंठां गीत गाती,
मन री वीणा बजावै है।
       © मनोज व्यास (13-6-19)