इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुतियां दी गई। इनमें जलवा जलवा, बाजूबंद, काजलियो, कानूड़ा, चंदा ने पूछा, नैनोंवाली ने, गजबण, मैंने पायल है छनकाई जैसे खुबसूरत नृत्य प्रस्तुत किए गये।
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा, एसीबीओ महिपाल सांदू ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भामाशाहों के सहयोग व समर्पण की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से लक्ष्य प्राप्ति का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि दयालराम मूँड ने भी विद्यालय के विकास कार्यों में भामाशाहों के योगदान की प्रशंसा करते हुए ग्रामवासियों से संगठित होकर कार्य करने पर बल दिया साथ ही विद्यार्थियों से अध्ययन के प्रति निष्ठा रखने को प्रेरित किया।
प्रधानाचार्य नवीन माथुर ने विद्यालय के विकास व निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए भामाशाहों को विद्यालय परिवार की ओर से साफा पहनाकर सम्मानित किया। प्रतिभाशाली व खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्टाफ सदस्यों बोदूसिंह, रामेश्वर लाल, अंजू शर्मा, कमला कड़वासरा, दिनेश गौड़, पवन तिवारी, कन्हैयालाल, चोखाराम, हनुमान मीणा, रमेशनाथ, कालूराम, प्रहलाद सहाय, रेखा साद, नारायणदान, विजेश बंजारा, भेराराम, धनसुखराम, नीतू स्वामी सहित शाला के विद्यार्थी व गाँव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन हिन्दी व्याख्याता मनोज व्यास ने किया।














