हरफनमौला व्यक्तित्व~
छात्राओं के लिए मिसाल: ऋतिका शर्मा
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। वह प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी योग्यता से सबका ध्यान आकृष्ट कर लेती है। जोधियासी की धरा पर भी ऐसी ही प्रतिभाशाली छात्रा है 'ऋतिका शर्मा' जिसने अपनी योग्यता के बलबूते सफलता के न केवल नये आयाम स्थापित किए हैं अपितु यह सिद्ध किया है कि परिश्रम की परिणति निस्संदेह सफलता होती है और विजय श्री उसी का वरण करती है।
कौशल्या देवी और सुखदेव शर्मा की लाडली पुत्री व हरफनमौला व्यक्तित्व की धनी ऋतिका शर्मा सामान्य परिवार में पली-बढ़ी, लेकिन जीवटता और कर्मठता के सहारे उसने हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया है। कला, नृत्य, गायन, लेखन के क्षेत्र में सदैव लोहा मनाने वाली इस छात्रा ने सॉफ्टबॉल में विद्यालय का नाम संपूर्ण राजस्थान में रोशन किया है। इतना ही नहीं यह बालिका खो-खो, कबड्डी व एथलेटिक्स में भी सदा अग्रणी रही है। खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ इस मेधावी बेटी ने दसवीं बोर्ड में भी 79 प्रतिशत के साथ कक्षा में तृतीय स्थान प्राप्त कर गार्गी पुरस्कार भी प्राप्त किया है।
अनुशासित, हँसमुख, कुशल वक्ता व कलाकार अर्थात् बहुमुखी व्यक्तित्व की धनी ऋतिका ने PCRA, BEE व अन्य चित्रकला प्रतियोगिताओं के साथ निबंध, भाषण, चार्ट प्रतियोगिताओं में विद्यालय स्तर पर, मेरी बेटी मेरा सम्मान जिला स्तर पर, सॉफ्टबॉल में उपविजेता राज्य स्तर पर और वेस्ट जॉन सॉफ्टबॉल में भी उपविजेता का पुरस्कार पाकर अपनी योग्यता व खेल कौशल का परचम लहराया है।








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